रैंप पर इठलाती-मचलती नक्सली महिलाएं

सारा जहां ब्यूरो। यह रैंप पर इठलाती-मचलती और आंखों को सुकून देतीं महिलाएं देश की कोई चर्चित मॉडल या सिने अभिनेत्री नहीं, बल्कि नक्सली महिलाएं हैं।
इनके कंधों पर कभी बंदूकें लटका करती थीं, एक आवाज़ पर ताबड़तोड़ गोलियां दाग दिया करती थीं और कई नरसंहारों को इन्होंने अंजाम दे रखा था, आज समाज की मुख्यधारा में लौटकर आपके सामने हैं… रैंप पर कैट वॉक कर रही हैं।
दरअसल, ये छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके की नक्सली महिलाएं हैं, जो पारंपरिक हथकरघा और कोसा सिल्क के परिधान पहनी हुई हैं। इनकी संख्या 9 बताई जा रही है।

यह महत्वपूर्ण आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और कई अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हथकरघा दिवस पर संपन्न हुआ है। इस आयोजन का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटीं इन महिलाओं के आत्मबल, पुनर्वास और नए जीवन को प्रदर्शित करना था।
यह देश में अपने तरीके का पहला आयोजन है और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व में इसकी चर्चा जरूरी है।
