कला / संस्कृति

कलांगन फाउंडेशन ने किया दो दिवसीय कथक कार्यशाला का आयोजन

कलांगन फाउंडेशन द्वारा 16 एवं 17 मई को द्वारका स्थित अकादमी में दो दिवसीय कथक कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध कथक कलाकार एवं महान कथक सम्राट पं. बिरजू महाराज जी की सुपुत्री विदुषी ममता महाराज द्वारा किया गया। कार्यशाला में दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों से कथक विद्यार्थियों, कलाकारों एवं कलाप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में विद्यार्थियों को कथक की पारंपरिक शैली, भाव-अभिनय, लयकारी तथा प्रस्तुति की बारीकियों का गहन अभ्यास कराया गया।

कार्यशाला के दौरान विदुषी ममता महाराज ने पंडित बिरजू महाराज जी की प्रसिद्ध एवं अत्यंत भावपूर्ण रचनाएं “होली खेलत हैं गिरधारी” तथा “बरनत छवि श्याम सुंदर” सिखाईं। विद्यार्थियों को इन रचनाओं के माध्यम से कथक में भाव, सौंदर्य, अभिव्यक्ति और नज़ाकत की विशेषताओं को समझने एवं सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।

विदुषी ममता महाराज ने विद्यार्थियों को केवल नृत्य की तकनीक ही नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा, साधना और भारतीय शास्त्रीय कला के संस्कारों के महत्व के बारे में भी प्रेरित किया। उनकी सरल, सौम्य एवं प्रभावशाली शिक्षण शैली ने सभी प्रतिभागियों को अत्यंत प्रभावित किया।

कार्यशाला का आयोजन कलांगन फाउंडेशन की संस्थापक एवं निदेशक शालु श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को महान गुरुओं की परंपरा से जोड़ना तथा भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम का समापन अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं भावपूर्ण वातावरण में हुआ। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं यादगार अनुभव बताया।

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