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लघु बचत पर ब्याज दर कम होने से सस्ता हो सकता है कर्ज

एजल: भारतीय रिजर्व बैंक ने आज कहा कि सरकार द्वारा लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें कम करने से बैंक कर्ज पर अपनी ब्याज दरें और कम कर सकते हैं।

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने यहां कहा, सरकार अपनी लघु बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा कर रही है। एक बार इन योजनाओं पर दिये जाने वाले ब्याज में यदि कमी की जाती है तो बैंक कर्ज पर अपनी दरों में और कटौती कर सकते हैं।

इस साल जनवरी के बाद से रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो दर में 1.25 प्रतिशत कटौती की है, लेकिन बैंकों ने अपने ग्राहकों को इसका पूरा लाभ नहीं पहुंचाया है।

पटेल ने रिजर्व बैंक की बोर्ड बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि सितंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले 0.75 प्रतिशत कटौती में से बैंकों ने भारित औसत आधार पर 0.43 प्रतिशत अंक की कटौती को आगे पहुंचाया है।

रिजर्व बैंक ने 29 सितंबर को की गई मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में और 0.50 प्रतिशत की कटौती की। इसके बाद ज्यादातर बैंकों ने अपने बैंचमार्क ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत तक कटौती की है। हालांकि, स्टेट बैंक ने अपनी बैंचमार्क दर को 0.40 प्रतिशत कम किया है।

पटेल ने कहा, ब्याज दर कटौती का लाभ पुराने कर्ज की बजाय नये कर्ज पर

देना बेहतर होगा।

वित्त मंत्रालय ने इस महीने की शुरआत में कहा कि वह अपनी लघु बचत योजनाओं जिसमें पीपीएफ और डाकघर बचत योजनायें शामिल हैं, पर दी जाने वाली ब्याज दर की समीक्षा करेगी। 

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