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भाजपा के लिए आरएसएस सर्वोच्च न्यायालय: नीतीश कुमार

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने ‘आरक्षण की समीक्षा’ करने की बात कही थी।

नीतीश ने कहा कि भाजपा के लिए आरएसएस सर्वोच्च न्यायालय की तरह है।

भाजपा, आरएसएस का एक राजनीतिक संगठन है।

नीतीश ने पटना में जनता दल (युनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आरएसएस प्रमुख अगर कोई बात कह दें तो वह अंतिम होता है। वह सर्वेसर्वा हैं। भाजपा के किसी भी मंत्री या नेता में इतनी हिम्मत नहीं कि वह उनकी बात काट दे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भागवत ने एक साक्षात्कार में जो बातें कही है, उसमें उनके विचार बहुत खतरनाक हैं। भागवत ने कहा है कि संसद नहीं एक समिति ही बताएगी कि किसको आरक्षण मिले और कब तक मिले। यह संविधान के इतर बात है।

नीतीश ने कहा, “अगर संघ ने कुछ कह दिया तो भाजपा की मजाल है कि वह कुछ कर दे। भाजपा के कई मंत्री भी बार-बार कह चुके हैं कि उन्हें स्वयंसेवक होने पर नाज है।”

उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पटना में एक निजी समाचार चैनल के एक कार्यक्रम में कहा था कि भाजपा आरक्षण विरोधी नहीं है और न ही वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में पुनर्विचार किए जाने की पक्षधर है। 

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