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भ्रष्टाचार रोकने के लिए बुलंदशहर डीएम बी चन्द्रकला प्रतिबद्ध 

उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर में चर्चाओं में रहने वाली डीएम बी चन्द्रकला को आज एक साल पूरा हो गया है। और इस एक साल में डी,एम बी,चन्द्रकला ने भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस के रख दी है।

हालात ये हो गये है कि डी,एम बी,चन्द्रकला का नाम सुनते ही भ्रष्टाचारियों के हाथ पैर फूलने लगते है। उनकी ईमानदारी की चर्चा बुलंदशहर की हर गली में होती है। वह अक्सर अपनी कार्यशैली की वजह से सोशल मीडिया से लेकर टीवी जगत तक में छाई रहती हैं। 

गोरतलब है कि मथुरा के बाद बुलंदशहर स्थानांतरित हुई बी चन्द्रकला ने विदेश में बैठे-बैठे जिले का आॅनलाइन चार्ज ले लिया। जोकि सूबे का शायद यह पहला मामला था। जब किसी अधिकारी की ज्वाइनिंग मेल पर हुई। सारी प्रकिया आॅनलाइन हुई और मेल पर ही उन्होंने सीडीओ को चार्ज भी दे दिया था। तब वह दुबई में थी। 

संभवत प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था। इसलिए ज्वाइनिंग काफी चर्चा में रही। जिले की कमान संभालते ही उन्होने जिले के बारे में जाना तो वह सोच में पड़ गयी। 

दरसल जब डीएम बी चन्द्रकला को भ्रष्टाचार के बारे में पता चला तो वह अचमंजश में पड़ गयी। और लगातार बड़ते भ्रष्टाचार की तो कभी गिरते शिक्षा के स्तिर की शिकायते जब जिलाअधिकारी को मिलने लगी तो उन्होने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 

बुलंदशहर में जिलाअधिकारी बी चन्द्रकला ने विकास कार्यों में भ्रष्टाचारियों  के खिलाफ मोर्चा खोलकर अपनी खास पहचान बना ली है। अपनी विकासपरक सोच की वजह से वह महिलाओं के बीच लोकप्रिय हुई हैं। 

उनकी लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह जनता और खुद के बीच के फासले को कम करना रहा है। 

वह जनता की समस्याएं बंद कमरे की बजाए ऑफिस के बरामदे में सुनना पसंद करती हैं। बीते 11 दिसंबर 2014 को उन्होंने बुलंदशहर में कई इलाकों में सरकारी बजट पर हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। और कमीशनखोरी की जांच कर रही थीं। इसमें इस्तेमाल घटिया सामग्री को देखकर मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर वे भड़क उठीं। कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों और नगरपालिका चेयरमैन को जमकर फटकार लगाई। यह सब देखकर मौजूद जनता ने उनकी जमकर तारीफ की। 

पांच दिन की मेहनत के बाद डीएम की टीम के अफसरों ने गरपालिका के अफसरों, ठेकेदारों और पालिका चेयरमैन पिंकी गर्ग की करतूतों का कच्चा चिट्ठा शासन को भेज दिया। 

जाहिर है कि शासन की परमिशन और गाइडलाइन मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई होगी। इससे पहले डीएम की चेतावनी के बाद नगरपालिका के ईओ ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले 3 ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। और शासन ने कार्यवाही करते हुए। नगरपालिका के ईओ रहे अरूण गुप्त और तत्कालीन ईओं को सस्पेंड़ कर दिया। 

साथ ही भ्रष्टाचार में लिप्त डीपीआरओ परवेज आलम, बीएसए महेश चन्द को भी स्सपेंड़ कर दिया है। और अब डीएसओ पर भी भ्रष्टाचार की तलवार लटकी हुई है। जिसमेें शासन द्वारा डीएसओ के भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए कई टीम लगी हुई है। 

डीएम हो तो ऐसी –  बुलंदशहर की जिलाधिकारी बी चन्द्रकला के एक साल पुरे होने पर जब जनता से राय ली गई तो जनता ने कह डाला डीएम हो तो ऐसी। 

आखिर बुलंदशहर की जिलाधिकारी ने ऐसा क्या कर दिया जो बुलंदशहर की जनता डीएम बी,चन्द्रकला के गुड़-गान करने में लगी हुई है। ये जानने के लिए जब गली-गली घुमे तो पत चला की ये कोई जनता पर किया हुआ जादू टोना नही बल्कि अपनी ईमानदारी और कार्यशैली की वजह से जनता के दिल में अपना विश्वाश कायम किया हैैै। जो आज बुलंदशहर की जनता  जिलाधिकारी बी,चन्द्रकला को भगवान का रूप मान रहे है। 

लोगो का कहना है की जिलाधिकारी बी चन्द्रकला के आने से पहले पहले भ्रष्टाचा अपनी चमर सीमा पर था। लेकिन जब से जिलाधिकारी बी चन्द्रकला ने बुलंदशहर की कमान सम्भाली है। मानो जैसे भ्रष्टाचार के पहिये पर ब्रेक से लग गए हो। 

हलाकि भ्रष्टाचार अभी जड़ से खत्म होने का नाम नही ले रहा है। लेकिन जिलाधिकारी ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल कर भ्रष्टाचार को कम कर दिया है। 

जिलाधिकारी बी चन्द्रकला जनता की समस्याएं बंद कमरे की बजाए ऑफिस के बरामदे में सुनना पसंद करती हैं। जोकि आज से पहले किसी भी जिलाधिकारी ने नही किया हैै। 

शिकायत करता रामबीर का कहना था की बुलंदशहर की जिलाधिकारी भगवान की तरह है। जो बुलंदशहर को अपना घर मान के चलती है और सब की शिकायतों का निस्तारण करने से नही चुकती है। बेसहाराओं को सहारा देने वाली है। और हालात ये हो गए है कि बी चन्द्रकला का नाम सुनते ही भ्रष्टाचारी कापनंे लगे है।

बी चंद्रकला का आईएएस तक सफर – बी चंद्रकला का आईएएस अफसर तक का सफर संघर्षों भरा रहा। उनका जन्म तेलंगाना (विभाजन से पहले आंध्र प्रदेश) के रामागुंडम इलाके में हुआ था। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं पास की। ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने हैदराबाद के कोटि वुमन्स कॉलेज में एडमिशन लिया। परिवार में उनके अलावा दो भाई और एक बहन भी हैं। शादी होने के बाद उन्होंने अर्थशास्त्र से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए पूरा किया। उनके पति ने उनका साहस बड़ाया और सहयोग किया। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने की ठान ली और बाद में इसे पूरा करके दिखाया।

Rohit Sharma

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