बाजार

क्रूड की कीमतों में 2% की गिरावट, बैंकों ने घटाया अनुमान

ग्लोबल इक्विटी मार्केट में गिरावट के चलते शुक्रवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.50 फीसदी की गिरावट के साथ 46.05 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.11 फीसदी फिसलकर 49.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। हालांकि घरेलू मार्केट एमसीएक्स पर क्रूड 0.68 फीसदी की उछाल के साथ 3107 रुपए प्रति बैरल पर बंद हुआ। ग्लोबल बैंकों ने क्रूड की कीमत के अनुमान कटौती की है।

इक्विटी मार्केट में गिरावट हावी
अमेरिकी, एशियाई और यूरोपियन इक्विटी मार्केट में एक बार फिर गिरावट हावी हो गई है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी बाजार 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। दरअसल, अमेरिका के जॉब डाटा उम्मीद से खराब आए है। वहीं यूरोपीय बाजार में करीब 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को इंडियन स्टॉक मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट में सेंसेक्स और निफ्टी 13 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। वहीं इस सप्ताह इंडियन मार्केट्स में नवंबर 2011 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स और निफ्टी 4.5 फीसदी टूटे हैं। साथ ही पिछले हफ्ते में सेंसेक्स और निफ्टी में 8-8 फीसदी की गिरावट रही है।

बीएनपी पारिबास, कॉमर्जबैंक और बार्कलेज ने घटाया क्रूड की कीमत का अनुमान
कॉमर्जबैंक ने कहा कि ग्लोबल मार्केट में क्रूड की ओवर सप्लाई लंबे समय तक बनी रह सकती है। कॉमर्जबैंक ने 2015 के लिए ब्रेट क्रूड की कीमत के अनुमान को 10 फीसदी घटाकर 55 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। वहीं 2016 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल का अनुमान लगाया है।

बार्कलेज ने 2015 के लिए ब्रेट क्रूड की औसत कीमत के अनुमान में 5 डॉलर की कटौती की है। इस साल क्रूड की औसत कीमत 55 डॉलर प्रति बैरल रह सकत है। वहीं 2016 के लिए 63 डॉलर प्रति बैरल का अनुमान है। इसमें भी 5 डॉलर की कटौती की है। वहीं बीएनपी पारिबास ने अपने अनुमान को 62 डॉलर से घटाकर 56 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है।

यूरोप की घट सकती है आर्थिक रफ्तार
यूरोप के आर्थिक रफ्तार घटने की आशंका से भी क्रूड की कीमतों पर दबाव बन रहा है। गुरुवार को यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने कहा कि चीन में आर्थिक चिंता और और अन्य उभरते बाजारों में मंदी के कारण आने वाले महीनों में डिफ्लेशन का खतरा बढ़ गया है। इस साल यूरोप की अर्थव्यवस्था 1.4 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। जबकि उम्मीद 1.5 फीसदी की थी।

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