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बोधगया को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करेगी सरकार: मोदी

बोध गया: बोध गया को ‘ज्ञान प्राप्ति की भूमि’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार इस स्थल को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करेगी ताकि यह भारत और बौद्ध जगत के बीच सांस्कृतिक रिश्ते के रूप में स्थापित हो सके ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाबोधि मंदिर का दौरा करने के बाद कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि किस प्रकार दुनियाभर के बौद्ध बोध गया को एक तीर्थस्थल के रूप में देखते हैं । भारत में हम बोध गया को विकसित करना चाहेंगे ताकि यह आध्यात्मिक राजधानी बन सके और भारत तथा बौद्ध जगत के बीच सांस्कृतिक रिश्ते के रूप में स्थापित हो सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार इस पवित्र से पवित्रतम स्थल से उन सभी बौद्ध राष्ट्रों को सभी प्रकार की सहायता मुहैया कराएगी जिसकी उन्हें अपनी आध्यात्मिक जरूरतों की संतुष्टि के लिए आवश्यकता है ।’’

बुद्ध को भारत के ‘ताज का माणिक’ करार देते हुए मोदी ने कहा कि वह बुद्ध को केवल हिंदूवाद के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी एक सुधारक के रूप में देखते हैं जिसने नए विश्व दृष्टिकोण और नजरिये को पेश किया जो सभी के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है ।

उन्होंने कहा कि भारत पूजा के सभी माध्यमों को स्वीकार करता है ।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत में हिंदुवाद का यह गुण कई महान आध्यात्मिक गुरूओं की उपज है और बुद्ध उनमें सबसे प्रमुख हैं । और यही बात है जो भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बनाए रखती है ।’’

उन्होंने साथ ही कहा कि बोध गया में बुद्ध को जो ज्ञान की प्राप्ति हुई थी वही हिंदूवाद में ज्ञानोदीप्ति की रोशनी है।’’

उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी के बाद एक प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें इस पवित्र स्थल की यात्रा कर अच्छा महसूस हो रहा है ।

उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्मदिन जन्माष्टमी के मौके पर यहां आना और भी खास बात है ।

PTI

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