कला/संस्कृति/साहित्य

नार्वे से दिए गए प्रेमचंद इंटरनेशनल सम्मान

“प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान” समिति के अध्यक्ष सुरेशचन्द शुक्ल ‘शरद आलोक’ और ब्रिटेन में सांसद वीरेन्द्र शर्मा ने नार्वे से डिजिटल मंच पर प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान अर्पित किए। ये पुरस्कार कथा, कविता, आलोचना, रंगमंच, और साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किए गये।

यह पुरस्कार कथा साहित्य और कविता के क्षेत्र में ममता कालिया, एर्लिंग कित्तेल्सेन, डॉ. विद्या विन्दु सिंह, अवधेश प्रीत, डॉ. प्रणव भारती, लक्ष्मण राव, डॉ. विक्रम सिंह तथा आलोचना, शिक्षण के क्षेत्र में प्रो. केशरी लाल वर्मा (कुलपति), प्रो. इन्दु वीरेन्द्रा, प्रो. मोहन, डा. अब्दुल अलीम, प्रो. नवीन लोहानी, प्रो. शकुन्तला मिश्रा, प्रो. सुशील कुमार शर्मा और कला के क्षेत्र में दाग हूल, देवीलाल पाटीदार, सिगरीद मैरी रेफ्सुम को प्रदान किए गये। अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद रंग सम्मान डॉ. कृष्णाजी श्रीवास्तव, संजय त्रिपाठी को दिया गया। वहीं पत्रकारिता-सोशल मीडिया के क्षेत्र में यह पुरस्कार कुमार अतुल, संदीप मुरारका, मोहन सपरा, डॉ. आलोक रंजन पाण्डेय और डॉ. राकेश कुमार को प्रदान किया गया।

नार्वे से गत 34 वर्षों से प्रकाशित हो रही पत्रिका स्पाइल-दर्पण के सम्पादक सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ ने इस अवसर पर कहा, “प्रेमचंद जातिपात को नहीं मानते थे। उन्होंने हाशिये के आदमी को सदा साथ लिया और नफरत के विरुद्ध लिखा। उनका मानवीय सरोकारों पर लिखा साहित्य आज पूरी दुनिया में समसामयिक है।”

कार्यक्रम में बीबीएयू, लखनऊ के कुलपति डॉ. प्रकाश सी बरतूनिया, वीर बहादुर पूर्वांचल विश्व विद्यालय, जौनपुर की कुलपति डॉ. निर्मला एस मौर्य, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कला संकाय के अध्यक्ष व कुलानुशासक प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा की गरिमामय उपस्थिति रही।

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