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मोदी ने विपक्ष पर लगायी धु्रवीकरण की राजनीति करने का आरोप

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर मिथ्या धर्मनिरपेक्षता को अपनाने और धु्रवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और साथ ही दादरी हत्याकांड तथा मुंबई में गुलाम अली का कंसर्ट रद्द होने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया लेकिन यह भी कहा कि सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है ।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि वह संप्रदायवाद का हौव्वा खड़ा कर अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रही है ।

मोदी ने आनंद बाजार पत्रिका से बातचीत में कहा, दादरी घटना या पाकिस्तानी गायक का विरोध अस्वीकार्य और दुर्भाग्यपूर्ण है । लेकिन इन घटनाओं से केंद्र सरकार का क्या संबंध है ?

यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है जहां गौमांस खाने की अफवाहों पर एक मुस्लिम की भीड़ ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। हालांकि प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह पुरजोर अपील करते हुए कहा था कि हिंदुओं और मुस्लिमों को एक दूसरे से नहीं बल्कि गरीबी से लड़ना चाहिए। उन्होंने सहिष्णुता और आपसी सम्मान जैसे मूल भारतीय मूल्यों को बनाए रखने के राष्ट्रपति के आह्वान का भी हवाला दिया था।

प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर चुप्पी के लिए विपक्ष की आलोचनाओं की जद में आने के बाद पिछले सप्ताह एक चुनाव सभा में इस बारे में टिप्पणी की थी।

ऐसी घटनाओं पर अपनी पार्टी के दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा, भाजपा ने कभी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं किया। विपक्ष ऐसे मुद्दे उठाकर भाजपा के खिलाफ संप्रदायवाद का हौव्वा खड़ा कर रहा है लेकिन क्या वे खुद धु्रवीकरण की राजनीति नहीं कर रहे हैं ? 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पहले भी इस प्रकार की बहस होती रही है । भाजपा ने हमेशा छद्म धर्मनिरपेक्षता का विरोध किया है । अब फिर से दुर्भाग्यपूर्ण सामाजिक बेचैनी के बीच इस प्रकार की बहस हो रही है ।

उन्होंने कहा, इस बहस को वार्ता और विचार विमर्श के जरिए सुलझाया जा सकता है ।

मोदी ने दावा किया कि वे पार्टियां जो इस प्रकार का दुष्प्रचार फैला रही हैं वे, अल्पसंख्यकों का विकास नहीं चाहती और उन्हें वोट बैंक के रूप में देखती हैं। 

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