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केरल की लेखिका सारा जोसफ भी लौटाएंगी साहित्य अकादमी पुरस्कार

त्रिशूर (केरल): प्रख्यात लेखिका और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता सारा जोसफ ने शनिवार को कहा कि वह गोमांस खाने के अफवाह में उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति की हत्या के विरोध में अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा देंगी।

सारा ने 2003 में यह पुरस्कार अपने उपन्यास ‘अलाहायुदे पेनम्मकल’ (डॉटर ऑफ गॉड द फादर) के लिए जीता था।

पुरस्कार लौटाने की घोषणा करते हुए सारा ने कहा, “देश इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। मुझे लगता है कि यह आपातकाल के काले दिनों से भी अधिक बुरा है। “

सारा ने कहा, “प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार जीतने पर मैं बेहद गौरवान्वित थी, लेकिन अब मुझे लगता है कि देश में जो कुछ भी हो रहा है उसके बारे में हम लेखकों की भी भूमिका होनी चाहिए। इसलिए इन पर अपना विरोध जताने के लिए मैं पुरस्कार के साथ इनाम में मिली राशि भी लौटा दूंगी।”

सारा के मुताबिक, “कोई क्या खाता है, कैसे अपने प्रेम का इजहार करता है, इसमें एक डर पैदा हो गया है और कोई क्या लिखना या बोलना चाहता है इस पर एक प्रकार का अंकुश लग गया है। यह अच्छा नहीं है।”

सारा ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री अक्सर यात्राएं करते हैं और विदेशों में जाकर बड़े-बड़े भाषण देते हैं। यह दुखद है कि एक व्यक्ति को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसके गोमांस खाने की अफवाह थी।”

अपने इस फैसले के बाद सारा साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले अन्य लेखकों की श्रेणी में शुमार हो गई हैं, जिनमें नयनतारा सहगल और ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी भी शामिल हैं।

सारा आम आदमी पार्टी (आप) की राज्य इकाई की प्रमुख हैं। सारा ने पिछले वर्ष त्रिशूर से लोकसभा चुनाव लड़ा था।

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