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सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए युद्धक भूमिका की पर्रिकर ने वकालत की

नयी दिल्ली: रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए युद्धक भूमिका की आज वकालत की और कहा कि इसके निहितार्थों के अध्ययन के बाद इसके बारे में किसी नीतिगत फैसले की घोषणा जल्द की जाएगी क्योंकि इससे कुछ संचालनात्मक या प्रशिक्षण संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं।

पर्रिकर की यह टिप्पणी भारतीय वायुसेना प्रमुख अरूप राहा के इस बयान के एक दिन बाद आई है कि वायुसेना ने युद्धक विमान चालकों के रूप में महिलाओं की भर्ती का एक प्रस्ताव भेजा है।

रक्षामंत्री ने कहा, प्रक्रिया जारी है। मुझे अब भी जानकारी नहीं है कि सिद्धांत रूप से स्वीकृति क्यों नहीं दी जानी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान कुछ अड़चनें, कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। इन सब को ध्यान में रख कर, हम जल्द ही किसी नीति की घोषणा करेंगे। उन्होंने युद्धक भूमिका में महिलाओं की सिफारिश की है और कोई कारण नहीं है कि हम उसे स्वीकार नहीं करें। इसपर विचार किया जा सकता है कि कब और कैसे उन्हें इस्तेमाल किया जाए।

पर्रिकर ने टेरिटोरियल आर्मी की 66वीं सालगिरह पर परेड के बाद पत्रकारों से कहा, कुछ संचालनात्मक दिक्कतें हैं। उन्हें छोड़ दें तो, महिलाएं :भारतीय वायुसेना की: युद्धक अभियानों में हिस्सा क्यों नहीं ले सकती । इस संबंध में मेरे भी कुछ सवाल हैं और मैं उनसे इनपर चर्चा कर रहा हूं।

एयर चीफ मार्शल राहा ने कल कहा था कि युद्धक विमान चालकों के रूप में महिलाओं की भर्ती का एक प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के पास भेजा गया है।

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