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टाइटेनिक का अंतिम मेन्यू 88000 डॉलर में नीलाम

बीजिंग: अपने समय के सबसे विशाल यात्री जहाज ‘टाइटेनिक’ के अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त होकर डूबे एक सदी से अधिक समय बीत चुका है।

उस हादसे में बचे लोगों में अब कोई भी जीवित नहीं है, लेकिन टाइटेनिक हादसा और उससे जुड़ी चीजें अब भी पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

हादसे में बच गए एक यात्री द्वारा बचा लिए गए, डूबने से पहले टाइटेनिक में परोसे गए अंतिम भोजन के मेन्यू को हाल ही में 88,000 डॉलर में नीलाम किया गया।

यह मेन्यू हमें टाइटेनिक की ओर वापस खींच ले जाता है। टाइटेनिक पर परोसे गए अंतिम भोजन में शुरुआत में ब्रिल मछली का मांस या स्कॉटलैंड में लोकप्रिय हरे प्याज और चिकन का सूप (कोकी लीकी) परोसा गया था। इसके स्थान पर यात्रियों को जायफल के जायके वाली डिब्बाबंद झींगा मछली, सॉस युक्त हिलसा मछली, जेली में पके सुअर के मांस या विशेष विधि से गाय/भैंस की जीभ को पकाकर बनाए गए व्यंजनों में से चुनने का विकल्प भी मौजूद था।

दोपहर के भोजन में सबसे अंत में परोसने के लिए टाइटेनिक के मेन्यू में आठ भिन्न किस्म की वस्तुओं का भी जिक्र है।

इस मेन्यू में कुछ बेहद चटपटे व्यंजन भी शामिल थे। इनमें भेड़ का भूना हुआ मांस, चटनी के साथ सामन मछली का मांस और मिठाइयों में एक विशेष लेप में लिपटे सेब की मिठाई शामिल थी। इस मेन्यू के पिछले हिस्से पर एक अन्य यात्री ने पेंसिल से हस्ताक्षर किए हैं।

डूबने से पहले टाइटेनिक पर परोसे गए भोजन के अब तक बचे हुए तीन या चार मेन्यू में से इसे एक माना जा रहा है।

अपने पहले सफर पर निकला टाइटेनिक 15 अप्रैल, 1912 को अटलांटिक महासागर में बर्फ की विशाल चट्टान से टकराकर डूब गया था। टाइटेनिक पर 2,200 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से 1,517 की मौत हो गई थी।

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