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बराक ओबामा का शस्त्र नियंत्रण पर बात जारी रखने का संकल्प

वाशिंगटन: रिपब्लिकन के बहुमत वाला कांग्रेस भले ही कठोर शस्त्र नियंत्रण कानून लागू करने को इच्छुक नहीं है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संकल्प लिया है कि वह इसके बारे में बोलते रहेंगे और इस बारे में अपने स्तर से वह क्या कुछ कर सकते हैं, उसके लिए कोशिश करते रहेंगे।

ओबामा ने ओरेगॉन में एक कम्युनिटी कॉलेज में हुए जनसंहार के एक दिन बाद शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं इसके बारे में नियमित तौर पर बोलूंगा। और मैं इसका राजनीतिकरण करूंगा। क्योंकि हमारी निष्क्रियता हमारे द्वारा लिया जा रहा एक राजनीतिक निर्णय है।”

ओबामा ने कहा, “जबतक हम उस राजनीति गतिशीलता को बदल नहीं देते, हम इस समस्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं कर पाएंगे।” उन्होंने शस्त्र नियंत्रण की वकालत करने वालों से कहा कि वे इसे मतदान का एक मात्र मुद्दा बनाएं और इस विषय पर चुनाव में राजनीतिज्ञों को दंडित करें और पुरस्कृत करें।

ओबामा ने कहा कि नेशनल राइफल एसोसिएशन (एनआरए) के नेतृत्व वाली शक्तिशाली शस्त्र लॉबी ने एक अच्छी शुरुआत की है। वे एक लंबे समय से इसमें जुटे हुए हैं। वे जो करते हैं, उसे बिल्कुल सही तरीके से करते हैं।

ओबामा ने कहा कि “उन्हें पता है कि भय कैसे पैदा करना है, उन्हें पता है कि अपना आधार कैसे बढ़ाना है, उन्हें पता है कि धन कैसे जुटाना है, उन्हें पता है कि राजनीतिज्ञों को कैसे डराना है।”

उन्होंने कहा कि यह एनआरए राजनीतिज्ञों को उनके समर्थन के आधार पर ‘ए’ से लेकर ‘एफ’ श्रेणी में विभाजित करता है।

ओबामा ने कहा कि उन्होंने अपने “प्रशासन से यह देखने को कहा है कि हमारे पास उन कानूनों को लागू करने के किस तरह के अधिकार है, जिनके जरिए हम अपराधियों के हाथों हथियार जाने से प्रभावी तरीके से रोक सकते हैं।”

ओबामा ने रिपब्लिकन की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार की दौड़ में शामिल जेब बुश की ओरेगॉन कॉलेज की घटना के संदर्भ की गई टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की।

बुश ने साउथ कैरोलिना में एक चुनाव अभियान के दौरान कहा था, “गवर्नर के रूप में मेरे सामने इस तरह की चुनौती थी, देखिए हमारे पास जिस तरह के काम थे, ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं घटती हैं, यहां हमेशा कोई न कोई संकट है। और लालसा हमेशा कुछ न कुछ करने की है और यह आवश्यक नहीं कि वह सही ही हो।”

बुश की टिप्पणी के बारे में पूछने पर ओबामा ने कहा, “मुझे इतना भी नहीं लगता कि मैं इस पर प्रतिक्रिया जाहिर करूं। मुझे लगता है कि अमेरिकी जनता इस टिप्पणी को सुने और हरेक दो महीने पर नरसंहार की एक घटना जो घट रही है, उसके आधार पर खुद फैसला करे।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “और वे तय कर सकते हैं कि क्या वे इसे छोटी-मोटी घटना मानते हैं।”

बुश ने बाद में संवाददाताओं के समक्ष स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी ओरेगॉन से संबंधित नहीं थी।

अरुण कुमार

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