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अमेरिका, भारत ने व्यापार सुविधा समूह गठित किया

वाशिंगटन: आपसी व्यापार को पांच गुना बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लिए काम कर रहे भारत और अमेरिका ने व्यापार करने की सुविधा पर एक संयुक्त समूह गठित किया है।

समूह की घोषणा यहां मंगलवार को प्रथम भारत-अमेरिका रणनीतिक और वाणिज्यिक वार्ता की समाप्ति पर की गई।

वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेशमंत्री सुषमा स्वराज और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने तथा अमेरिका की ओर से उनके समकक्ष जॉन केरी तथा पेनी प्रिट्जकर ने की।

दोनों पक्षों में क्लस्टर मानचित्र का विकास करने के लिए हार्वर्ड बिजनेस स्कूल और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम)-अहमदाबाद को मदद करने पर भी सहमति बनी। क्लस्टर मानचित्र से भारतीय कंपनियों को वैश्विक आपूर्ति श्रंखला से बेहतर तरीके से जुड़ने में मदद मिलेगी, भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अमेरिकी कंपनियों को भारत में अपने उत्पाद और सेवाओं के लिए बाजार ढूंढ़ने में मदद मिलेगी।

निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाला एक नवाचार मंच शुरू करने की भी घोषणा हुई। इसके जरिए दोनों पक्ष द्विपक्षीय वार्ता के लिए निजी क्षेत्र की राय जुटा सकेंगे।

वार्ता के अंत में जारी तथ्यों के एक ब्योरे में कहा गया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 2000 के नौ अरब डॉलर से बढ़कर 2014 में 100 अरब डॉलर से अधिक हो गया।

इस ब्योरे के मुताबिक, दोनों देशों ने उच्चस्तरीय द्विपक्षीय निवेश समझौते की संभावना खंगालने के लिए वार्ता जारी रखने का फैसला किया है, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे और दोनों देशों में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

ब्योरे के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय के सेलेक्टयूएसए पहल और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) की सिलिकॉन वैली शाखा ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत वे भारतीय कंपनियों को अमेरिका में कारोबार विस्तार में मदद करने के लिए उन्हें जरूरी आंकड़े और सहायता देने के लिए मिल कर काम करेंगे।

अमेरिका ने भारत को अपने वाणिज्य मंत्रालय के ‘अमेरिकाज कंपीटीटिवनेस एक्सचेंज फॉर इन्नोवेशन एंड एंटरप्रेन्यरशिप’ (एसीई) कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

अमेरिका ने भारत को ग्लोबल सिटी टीम्स चैलेंज (जीसीटीसी) के अगले चक्र में भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिसका आयोजन अमेरिका का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्न ोलॉजी (एनआईएसटी) करता है।

अमेरिका ने भारत को स्मार्ट सिटीज कंप्रीहेंसिव इकॉनॉमिक डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी (सीईडीएस) कार्यक्रम में भी शामिल होने का न्योता दिया।

अरुण कुमार

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