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उप्र: पियरवा को बिरमाये.. से सजी संगीत की महफिल

लखनऊ: ‘पियरवा को बिरमाये, साजन मोरे घर आए..’ द्रुत ख्याल में अरुणा की इस मनमोहक प्रस्तुति से शनिवार को शहर में शास्त्रीय संगीत की महफिल सजी।

शास्त्रीय गायन के उस्ताद आमिर खान के शिष्य पंडित ए. कानन के प्रयाण दिवस पर इस विद्या की विभिन्न प्रस्तुतियों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

उस्ताद खान म्यूजिक सेंटर की ओर से कार्यक्रम राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह में आयोजित किया गया।

इसके बाद सुभ्रा दास ने ‘आज रंगीले लाल’ एकताल में और द्रुत ख्याल ‘मोरे घर आजा’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।

वहीं पार्थ प्रतिम दास ने अपने सर्वप्रथम राग नायकी कानड़ा में विलंबित एकताल में निबद्ध बंदिश ‘बरना मोरा प्यारा’ और द्रुत रचना त्रिताल में ‘सुघर बनरो आइला’ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अंत में रविराज शंक ने बांसुरी वादन प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने राग जैत में मध्य लय रूपक ताल में गत बजाई। इसके बाद द्रुत त्रिताल व अंत में राग पहाड़ी में एक धुन बजाकर दर्शकों को अपना कायल कर लिया।

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